

किसान ने कि जिलाधिकारी से शिकायत कब होंगी जाँच

हरिद्वार( आश्रुति )। धर्मनगरी हरिद्वार में खनन का खेल कोई नया नहीं है नया मामला हरिद्वार कि रावसन नदी का हैं जहाँ रिवर ड्रेन्जीग के नाम पर नदी ही नहीं किसानों कि जमीनों को खोद डाला गया हैं. पिछले साल 25 मार्च को 2025 को जीवी इंफ्राटेक प्रा0 लि0 को रासलूपुर मीठीबेरी में रवासन नदी में 9 बीघा में शीशराम के नाम से रिवर ड्रीजेग के नाम पर खनन का पट्टा दिया गया था।
खनन माफिया इतने पर कहाँ रुकने वालें थे, जीवी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा0लि0 ने अपना 9 बीघा तो कब का खोद दिया था, पर वो इतने पर नहीं रुके, अपना पट्टा खोदने के बाद जीवी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा0लि0 ने आस पास किसानों कि जमीने खोदने शुरू कर दी, जिसमे
- जयराम कि 13 बिगा
- चेतराम 7
- रमेश ककड़ 10
- पवन 7
- ललित 7
- गुड़ड़ी 9. 5 बिगा जमीन ( शिकायत कर्ता )
कुल 62.5 बीघा जमीन खोद डाली ।हालांकि जिसमे से केवल गुड़ड़ी जिसकी 9.5 बीघा जमीन जीवी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा0लि0 ने खोद डाली थी, उसने ही पहले 16/12/2025 को श्यामपुर थाने में शिकायत कि पर कार्यवाही ना होने पर, गुड़ड़ी 13/01/2026 को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची जहाँ पर भीं उसके द्वारा जीवी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा0लि0 के खिलाफ शिकायत कि गई परन्तु वहां से भीं कोई जीवी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा0लि0 के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कि गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार जीवी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा0लि0 को 25 मार्च 2025 को रसूलपुर मीठीबेरी के खसरा नंबर 1882व रकबा 0.7840हे पर रिवर ड्रेजिंग के नाम पर छह माह कि अनुमति दी गई थी। जिसमे से 25920 टन माल निकलना था, जिसके सापेक्ष कुल 41,18688 रूपये रायल्टी जमा कराई जानी थी। बड़ा सवाल ये हैं कि जीवी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा0लि0 द्वारा तय सीमा से अधिक यानि 53.5 बीघा जमीन से खनन करने कि लगभग 2,22,40915.00 रूपये कि रायल्टी और पैनल्टी कब और कौन लगाएगा। उम्मीद तो यही हैं कि जीरो टोरेलेंस वाली सरकार जल्द ही कोई कार्यवाही करेंगी।


वही जब इस मामले में एस डी एम से हमारे वरिष्ठ साथी पत्रकार द्वारा पूछा गया तो उनके द्वारा इस पुरे मामले से अनभिज्ञता जताते हुए कहाँ गया कि उनको इस प्रकरण कोई जानकारी नहीं हैं।




